suasive Meaning in Hindi (शब्द के हिंदी अर्थ)
suasive ka kya matlab hota hai
Verb:
बना रहना, बच जाना, जीवित रहना, जीवित रखना, जीवित बचना,
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suasive शब्द के हिंदी अर्थ का उदाहरण:
विनिर्देश बाहरी अंतरफलकों के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण होते हैं जिन्हें स्थिर बना रहना चाहिए. विनिर्देश पर्याप्त रूप से सही हैं या नहीं इसका निर्धारण करने का एक अच्छा तरीका आवश्यकताओं और उपयोग की स्थितियों की शुद्ध रूप से सक्षमता सुनिश्चित करने के लिए तीसरे पक्ष द्वारा दस्तावेजों की समीक्षा कराना है।
इसके साथ-साथ दिल में अम्लिकोद्गार होना, उल्टी होना, बार-बार पेशाब का होना तथा स्तनों में हल्का दर्द बना रहना आदि साधारण शिकायतें होती है।
जिसका कारण जैन ग्रंथों का भण्डार में सुरक्षित बच जाना जबकि ब्राम्हण ग्रंथो का नष्ट हो जाना हो सकता है।
इसके लिये संपूर्ण वर्ष रंग बिरंगे फूलों का आकर्षक चित्रपटल बना रहना चाहिए सिंदूरी गुलमोहर के फूलों के व्यतिरेक के साथ गहरे पीले रंग का अमलतास लगाने से, मनोहर वृक्षावली तैयार हो सकती है और जैंकरैंडा मिमासीफोलिया (Jacaranda mimasefolia) के नीले फूल लगा देने से भी दृश्य और सूंदर हो जाता है।
बन्धों का कटा फटा व ऊँचा होना, तल का असमान होना, पानी आने-जाने के रास्तों का न होना, दूसरे क्षेत्रों से अधिक पानी आने-जाने की सम्भावनाओं का बना रहना आदि कमियां स्वाभाविक रूप से तालाब में पायी जाती हैं जिन्हें सुधार कर दूर किया जा सकता है।
न्यूटन के प्रथम गतिनियम के अनुसार कोई भी पिंड जिस अवस्था में रहता है उसी में बना रहना चाहता है और उस अवस्था में किसी प्रकार के परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति प्रदर्शित करता है।
कुछ यह भी विश्वास रहा है कि विद्या के क्षेत्रों में उच्च स्तर की योग्यता बहुत थोड़े व्यक्तियों में हो सकती है और इसका समाज के धनी और वैभवशाली अंगों से मेल बना रहना स्वाभाविक तथा आवश्यक भी है।
वर्षों तक आबादी का आकार स्थिर बना रहने के लिए आबादी के आकार और उपलब्ध संसाधनों में संतुलन बना रहना जरुरी है।
के अनुसार कोई भी पिंड जिस अवस्था में रहता है उसी में बना रहना चाहता है और उस अवस्था में किसी प्रकार के परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति प्रदर्शित करता है।
हमेशा गड्ढा में कम से कम 10-15 से.मी. पानी बना रहना चाहिये।
वरुण की कृपा इक्ष्वाकु नरेश हरिश्चंद्र को पुत्र उत्पन्न होना, समर्पण के समय उसका जंगल में भाग जाना, हरिश्चंद्र को उदररोग की प्राप्ति, रास्ते में अजीगर्त के मध्यम पुत्र शुन:शेप का क्रय करना, देवताओं की कृपा से उसका वध्यपशु होने से बच जाना, विश्वामित्र के द्वारा उसका कृतकपुत्र बनाया जाना, आदि घटनाएँ प्रख्यात हैं।
नीम की पाती खाने से मुह की बादबू, दाड दर्द, दात कुलना, शरीर के अंदर के हनिकारिक बैक्टीरिया, कैंसर की बीमारी, खून साफ करना, जीभ से स्वाद, चरम रोग, आँख न आना, आलस न आना, शरीर में ऊर्जा का बना रहना, कफ-कोल्ड न होना, शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना जैसे,सेकड़ो-हज़ारो फायदे हमें नीम की पाती खाने से मिलता हैं।
सूखने पर या आग में पकने पर भी दी हुई आकृति का ज्यों का त्यों बना रहना,।
गर्म पानी उपचार:1. किसी धातु के बर्तन में पानी को 52 डिग्री सेंटीग्रेड तक गर्म करें|2. बीज को 30 मिनट तक उस बर्तन में डालकर छोड़ दें, उपरोक्त तापक्रम पूरी प्रक्रिया में बना रहना चाहिए|3. बीज को छाया में सुखा लें उसके बाद बुआई करें|।