brekker Meaning in Hindi (शब्द के हिंदी अर्थ)
brekker ka kya matlab hota hai
टूट फूट
Noun:
भंजक, पीपा,
People Also Search:
bremenbremerhaven
bren
brenda
brens
brent
brent goose
brents
brescia
bresson
brest
bretagne
brethren
breton
bretons
brekker शब्द के हिंदी अर्थ का उदाहरण:
पीपावाव बंदरगाह ये जिले में स्थित है।
यह काष्ठ के भंजक आसवन (destructive distillation) से प्राप्त पाइरोलिग्नियस अम्ल का घटक है।
यह भारतीय रेल और गुजरात पीपावाव पोर्ट लिमिटेड की संयुक्त उद्यम कंपनी है, जिसकी स्थापना २७१ कि॰मी॰ लंबी रेल लाइंस का निर्माण, रखरखाव और संचालन करने के लिए की गई है, यह गुजरात राज्य में पीपावाव पत्तन को पश्चिमी रेल के सुरेन्द्र नगर जंक्शन से जोडती है।
गढ़ गागरोण महान संत पीपा की समाधि भी है।
इस वर्ष को गणितज्ञ ट्यूरिंग, कंप्यूटर के अग्र-दूत और कोड -भंजक, की याद में उनकी सौवीं वर्षगांठ पर एलन ट्यूरिंग वर्ष नामित किया गया है।
तो गागरौनगढ़ नरेश पीपाजी जैसे क्षत्रिय, सगुणोपासक भक्त भी थे ।
भंजकालीन साहित्य के बाद उड़िया साहित्य में चैतन्य प्रभावित गौड़ीय वैष्णव धर्म और रीतिकालीन लक्षण, दोनों का समन्वय देखने में आता है।
मानव कंकाल (अस्थिपिंजर) के ज्ञान जैसे अस्थि की उत्पत्ति, वृद्धि, अस्थिप्रसु कोशिका, अस्थि भंजक कोशिका आदि, के संबंध में काफी उन्नति हुई है।
उदाहरण के लिए, पीपावाव रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीआरसीएल) रेल परिवहन में पहला सरकारी निजी भागीदारी का मूल संरचना मॉडल है।
उन्होंने अनंतानंद, भावानंद, पीपा, सेन नाई, धन्ना, नाभा दास, नरहर्यानंद, सुखानंद, कबीर, रैदास, सुरसरी, पदमावती जैसे बारह लोगों को अपना प्रमुख शिष्य बनाया, जिन्हे द्वादश महाभागवत के नाम से जाना जाता है।
राजुला के दार्शनीय स्थल इस प्रकार हैं - विक्टर, टावर, चांच बंगलो, समुद्र तट, पीपावाव पॉर्ट, अल्ट्राटेक सिमेन्ट फेक्टरी, पीपाभगत स्थल, चांच बंदरगाह।
काष्ठ का भंजक आसवन ।
मारवाड़ उत्सव, नागौर का प्रसिद्ध पशु मेला और पीपाड़ का गंगुआर मेला।
(३) विभंजक सामर्थ्य (Breaking strength)।
इस प्रक्रिया को कोयले का भंजक आसवन कहते हैं।
काष्ठ के भंजक आसवन से निम्न यौगिक पृथक् किए जा सकते हैं : फॉर्मिक अम्ल, कई वसा अम्ल, असंतृप्त अम्ल, ऐसेटैल्डिहाइड, सेलिल ऐल्कोहॉल, मेथिल एथिल कीटोन, फरफरॉल, मेथिलाल, डाइमेथिल ऐसीटॉल, बेन्ज़ीन, ज़ाइलीन, क्यूमीन, सायमीन, फिनाॅल आदि।
निरापद भार अर्थात् प्रतिबल की निरापद मात्रा विभंजक भार अथवा प्रतिबल / अभयांक ।
शेख़ फरीद, जयदेव, त्रिलोचन, सधना, नामदेव, वेणी, रामानंद, कबीर साहेब, रविदास, पीपा, सैठा, धन्ना, भीखन, परमानन्द और सूरदास 15 संतों की वाणी को आदिग्रन्थ में संग्रहीत करके गुरुजी ने अपनी उदार मानवतावादी दृष्टि का परिचय दिया।
राज ज्योतिषी के परिवार में जन्मे, हिन्दू धर्म के तमाम कर्मकाण्डों में विधिवत् दीक्षित, त्रिपुण्डधारी निष्ठावान ब्राह्मण की छवि से यह रूढ़िभंजक यथार्थ शायद मेल नहीं खाता, मगर उस सामाजिक-राजनीतिक-साहित्यिक उत्तेजना के काल में उनका प्रतिगामी रुढ़ियों के खिलाफ़ आवाज़ उठाना स्वाभाविक ही था।
पीपासर- पीपासर नागौर जिले की नागौर तहसील का एक छोटा सा गाँव है।
विभंजक भार प्रत्यास्थता की सीमा से काफी अधिक होता है, पर व्यापारिक और उपयोगिता की दृष्टि से यह भार कम ही रखा जाता है और इसे पराभव बिंदु कहते हैं तथा इसे ही विभंजक भार मान लिया जाता है।
इन छात्रावासों के अलावा पीपाड़, कुचेरा, लाडनूं, रोल, जायल, अलाय, बिलाडा, रतकुडि़या, आदि स्थानों पर भी छात्रावासों की एक शृंखला खड़ी कर दी।
यह सभी द्वारे ब्राह्मण कुल के शिष्यों ने स्थापित किए, इनमे से एक पीपासेन जी क्षत्रिय थे, सम्प्रदाय की शर्त अनुसार यह सभी ब्रह्मचारी हो, यह आवश्यक है ।